“Before I can live with other folks I’ve got to live with myself.”
मॉकिंग बर्ड नॉर्थ अमेरिका में बहुतायत में दीखते हैं । ठीक गोरैया जैसे पर ज्यादा स्लीक और लंबे पूंछ वाले । 40 से ज्यादा आवाजों के धनी । कोयल जैसी मिठास से लेकर कैमरे की क्लिक और मोटर की गडगडाहट तक । मतलब यह कि जो भी आवाज़ सुनी उसे हुबहू नक़ल कर लेना । अपनी जादूभरी आवाज से यह मौसम में मादा को रिझाता है । इस किताब का नाम मॉकिंग बर्ड पर क्यूँ है यह तो पूरी फिल्म देखने के बाद ही पता चला । इससे सटीक टाइटल इस किताब की हो ही नहीं सकती थी ।
पेशे से वकील फिंच अपने लड़के जेम उम्र 10 वर्ष और लडकी स्काउट उम्र 6 वर्ष के साथ साउथ अमेरिका के अलबामा के एक कसबे मेकोम्ब में रहता था । 1933 के आर्थिक डिप्रेशन का असर पूरे अमेरिका में था । उसपर एक नीग्रो लड़के को निर्दोष साबित करने की कोशिश उसे पूरे कसबे का दुश्मन बना देती है । उस किशोर पर एक गोरी लड़की पर एडवांटेज लेने का झूठा संगीन आरोप था.। शायद वह उस लड़के को बचा भी लेता पर उसके पहले गोरों ने उसे मार दिया । उसके कातिल ने फिंच के बच्चों को भी मारने की कोशिश की । समय पर उनके पडोसी रडले ने बच्चों को बचाया । इसके लिए उसे उस कातिल को मारना पड़ा । रडले अकेले एक भुतहा मकान में रहता था । उससे बच्चे बुरी तरह डरे रहते थे । शेरिफ पूरे वाकये से वाकिफ था । वह वहां के लोगों का मिजाज जानता था । इसलिए उसने कातिल को अपने चाक़ू पर गिरकर मरने का रिपोर्ट दर्ज किया । पर फिंच को कुछ ठीक नहीं लग रहा था । उसे उसकी बच्ची ने बखूबी समझाया ।
फिंच के अचूक निशाने से पूरा शहर वाकिफ था । फिंच ने स्काउट को बताया कि वह बेकाबू जानवरों और हिंसक क्रिमिनल्स को निशाना बनता था जैसा उसने उस दिन पागल कुत्ते को मारने के लिए किया था । पूछने पर कहा कि मॉकिंग बर्ड का तो कभी नहीं क्योंकि वह किसी का नुकसान नहीं करती है बल्कि तरह-तरह के गाने गाकर माहौल को खुशनुमा रखती है । स्काउट ने कहा कि रडले भी उसी मॉकिंग बर्ड की तरह है । लोग तो मिठाई के साथ नफरत और फूल के साथ बिमारी लाते हैं , रिडले तो वैक्स के खिलौने बिना दिखे देता है ।
रिडले के बदरंग जीवन में भी बहार आ गयी । उसे दो प्यारे बच्चों का साथ मिल गया । बच्चों को भी तभी मालूम पड़ा कि पेड़ के खोखड में समय-समय पर खिलौने वगैरह कौन रख जाता था । कलतक रिडले जो एक भूत था और उसका भुतहा मकान जहां बच्चे जाने से डरते थे अब एक मस्त मस्ट खेलने की जगह बन गयी थी ।
मेरा प्रिय एक्टर ग्रेगोरी पेक फिंच की भूमिका में बहुत जंच रहा था । पर जिसने मन मोह लिया वह थी मैरी बद्हम 6 वर्षीय जीन ( स्काउट) की भूमिका में । क्या खूब निर्देशक रोबर्ट मुलिगन ने बच्चो से एक्टिंग कराई है । स्काउट के बड़े भाई जेम में मुझे अपना बचपन दीखता है । मैं आज की सभी लड़कियों से स्काउट जैसा करैक्टर और कंडक्ट की आशा रखता हूँ । खैर फिंच जैसा तो मुझे भी बनने की अभिलाषा थी । इस किताब और इसपर बनी फिल्म की सफलता का राज भी यही है । मेरे जैसे कई लोग जरूर सोचते होंगे कि बड़ी होने पर स्काउट कैसी होगी । बेसब्र न हों, हार्पर ली भी यही सोच रही थीं । उनकी अप्रकाशित किताब " सेट अ वाचमैन" व्यसक स्काउट पर ही है ।
Atticus Finch: If you just learn a single trick, Scout, you'll get along a lot better with all kinds of folks. You never really understand a person until you consider things from his point of view... Until you climb inside of his skin and walk around in it.

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