Sunday, 17 May 2015

आर्गेनिक और सिंथेटिक

अमेरिका के न्यू जर्सी गार्डन स्टेट में अपने वतन के लोगों की बहुतायत है. आज से दो वर्ष पहले मैं टूरिस्ट वीसा पर बेटी के पास यहाँ आया था. तब ईस्ट रदरफोर्ड में मुझे चीनी और रूसी भी काफी दीखते थे. पर अच्छा रिस्पांस अमेरिकी और खासकर ब्लैक अमेरिकी से मिलता था. भारतीय  मुस्कुराना तो छोड़ नजर बचाते दीखते थे. शायद सभी के गिरेबान में मेरी जैसी विवशता रही हो. रूसी मुस्कुराते अवश्य थे पर चीनी रोबोट जैसी निगाहों से देख भर लेते थे.  
इस बार मुझे वेस्ट विंडसर में रहने का अवसर मिला. यहाँ भी ज्यादातर भारतीय और चीनी ही दीखते हैं. शायद मेरे में झिझक कम हो गयी हो या लोग ज्यादा खुल गए हों, कुछ एक ब्राउन साहेब लोगों के अतिरिक्त सभी ने मुस्कुराकर मुझे प्रोत्साहित किया. पर चीनियों ने नहीं. वे वैसे ही रूखे रहे. हेल्लो, गुड मोर्निंग का भी जवाब रूखेपन से देते या नहीं देते. एक बूढा तो मेरे विश करने पर डर सा गया. 
पर आज नहीं. आज सुबह जो भी चार-पांच चीनी गुजरे उन्होंने मुझसे पहले मुझे विश किया वह भी मुस्कुराते हुए. एक चीनी लड़का एक भारतीय के साथ लॉन टेनिस भी खेलता दिखा .
मैं हैरान नहीं था. मुझे इसका इल्म था कि आज ऐसा ही कुछ होगा. हमारे देश के प्रधान मंत्री का चीनी दौरा सफल जो हो गया था.
आर्गेनिक और सिंथेटिक खेती के बारे में तो सुना होगा . क्या आपने आर्गेनिक और सिंथेटिक लोगों और शासन के बारे में सुना है ? मानव आर्गेनिक और रोबोट सिंथेटिक. और अगर डेमोक्रेसी आर्गेनिक तो सिंथेटिक....... !!!


No comments:

Post a Comment