आज कबूतरों के लिए डाले गए दानों पर 8-10 कौओं ने हमला बोल दिया। कारण समझ में आया। रोडसाइड ढाबे और ठेलों के कचरों में भारी कमी नहीं बल्कि बिलकुल बंदी आ गई है। घर के चौके में भी किफायत देखने को मिल रही है।
आजकल लोगबाग कचरे कम फेंक रहे हैं डस्ट्बिन में। सफाई कर्मचारी, जो दरवाजे से कचरा उठता था अब नहीं दिख रहा है। इससे एक और मूल्य-वर्धन(value addition) की चमक कौंध रही है। क्यों न घर के पिछवाड़े एक 1*1*1 मिटर का पिट बनाया जाए। जिसमे हर रोज का ग्रीन कचरा डाला जाए और उसे मिट्टी की एक परत से ढँक दिया जाए। कुछ केचुए भी डालने से श्रेयस्कर होगा। 2-3 महीने लग जाएंगे भरने में। घर की बगिया के लिए जैविक खाद तैयार हो जाएगी जो वर्ष भर के लिए पर्याप्त होगी।
आजकल लोकडाउन पीरियड में अधिकतर वरिष्ठ नागरिकों ने अपना मनपसंद टाइमपास पुंरजीवित कर लिया है।मेरे समधीजी ने “दुनिया बनाने वाले” के karaoke पर कोरोना पर एक बहुत ही अच्छी परोडी मनोहारी आवाज़ मे गायी है। मेरे बड़े भैया सामयिक कविता और विचार लिखते रहते हैं। दूसरे बड़े भाई ने नतिनी से दोस्ती कर ली है। मेरा छोटा भाई स्टारमेकर का 5 स्टार गायक बन गया है। मेरे एक मित्र 60 वर्ष बाद फिर से लूडो खेलने लग गए हैं और जानबूझ कर हारकर दूसरे दिन की बुकिंग निश्चित कर लेते हैं । मैं भी जैसे-तैसे लेखन कार्यक्रम मे बढ़ोतरी कर आनंदपूर्वक लोकडाउन की जैसी की तैसी कर रहा हूँ। कुछ नहीं तो नींद अच्छी आती है।
सोने से पहले मैं अपने-आप से पूछता हूँ – क्या मैंने कोई भी लाभप्रद योगदान किया है ? अगले दिन के लिए भी कुछ ढूंढ निकलता हूँ। ज़्यादातर अच्छी नींद आ जाती है।
आजकल लोगबाग कचरे कम फेंक रहे हैं डस्ट्बिन में। सफाई कर्मचारी, जो दरवाजे से कचरा उठता था अब नहीं दिख रहा है। इससे एक और मूल्य-वर्धन(value addition) की चमक कौंध रही है। क्यों न घर के पिछवाड़े एक 1*1*1 मिटर का पिट बनाया जाए। जिसमे हर रोज का ग्रीन कचरा डाला जाए और उसे मिट्टी की एक परत से ढँक दिया जाए। कुछ केचुए भी डालने से श्रेयस्कर होगा। 2-3 महीने लग जाएंगे भरने में। घर की बगिया के लिए जैविक खाद तैयार हो जाएगी जो वर्ष भर के लिए पर्याप्त होगी।
आजकल लोकडाउन पीरियड में अधिकतर वरिष्ठ नागरिकों ने अपना मनपसंद टाइमपास पुंरजीवित कर लिया है।मेरे समधीजी ने “दुनिया बनाने वाले” के karaoke पर कोरोना पर एक बहुत ही अच्छी परोडी मनोहारी आवाज़ मे गायी है। मेरे बड़े भैया सामयिक कविता और विचार लिखते रहते हैं। दूसरे बड़े भाई ने नतिनी से दोस्ती कर ली है। मेरा छोटा भाई स्टारमेकर का 5 स्टार गायक बन गया है। मेरे एक मित्र 60 वर्ष बाद फिर से लूडो खेलने लग गए हैं और जानबूझ कर हारकर दूसरे दिन की बुकिंग निश्चित कर लेते हैं । मैं भी जैसे-तैसे लेखन कार्यक्रम मे बढ़ोतरी कर आनंदपूर्वक लोकडाउन की जैसी की तैसी कर रहा हूँ। कुछ नहीं तो नींद अच्छी आती है।
सोने से पहले मैं अपने-आप से पूछता हूँ – क्या मैंने कोई भी लाभप्रद योगदान किया है ? अगले दिन के लिए भी कुछ ढूंढ निकलता हूँ। ज़्यादातर अच्छी नींद आ जाती है।
बहुत रोचक और तथ्यात्मक
ReplyDelete