Sunday, 8 February 2015

आम आदमी !

मैं तो रसिपुरम कृष्णस्वामी लक्ष्मण के आम आदमी का शुरू से प्रशंसक था पर इसकी काबलियत पर संदेह होता था. गो कि गाँधी तक को इसने महात्मा बनाया. जब चाहे शाहरुख़ को नचा ले, तेंदुलकर से शतक बनवा ले. भगवान्  राम तक  इनकी बात मानते थे. गौतम को भी भगवान बुद्ध बनने में प्रेरणा इन्ही से मिली थी. राजनेता इस भूल में हैं कि ये जनता को बेवकूफ बना रहे हैं. पूरे जीवन , यही आम आदमी है जो ज़िन्दगी के हर रंग का आनंद लेता है बाकि तो इनकी कठपुतलियाँ हैं. चलो अब कुछ दिन दिल्ली-दिल्ली खेलें उसके बाद बिहार वाली नौटंकी देखेंगे. 

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