लोग जन्मदिन को लेकर भावुक हो ही जाते हैं. इस बार जिनसे मैं जन्मदिन की बधाई की अपेक्षा रखता था उनमें से शायद ही कोई छूटा हो. जो नजदीक थे उन्होंने रूबरू, जो दूर थे उन्होंने फ़ोन पर और फेसबुक पर मुझे बधाई दी. पर जिससे मैं अहले सुबह बधाई की अपेक्षा रखता था उसने, मेरी पत्नी ने आखिरकार शाम ढलते-ढलते पूछ ही लिया कि क्या बात है आज बहुत फ़ोन कॉल आ रहे हैं.
मैं उस दिन , बल्कि छः महीनों से अपनी बेटी के घर आया हुआ था. यहाँ, ऑस्ट्रेलिया में बल्कि हर कहीं जहां मिया-बीबी दोनों नौकरी करते हों वहां जन्मदिन तो क्या सभी कुछ यहाँ तक कि राष्ट्रिय त्यौहार भी वीकेंड्स में मनाये जाते हैं. मेरे जन्मदिन का जश्न भी आनेवाले शनिवार को घर से बाहर किसी होटल में मनाने का मन बन रहा है. लेकिन मेरा जन्मदिन तो एक नहीं बल्कि तीन छोटे-छोटे वाकयों से बहुत सुन्दर मन गया.
मेरे सुबह की सैर से वापिस आने की आहट सुनकर मेरे 5 वर्षीय नाती ने सुबह नहाना छोड़कर पूरे नंगे बदन दौड़कर दरवाजा खोलकर मुझे हैप्पी बर्थडे कहा.
आज उसके स्कूल में भी तीन साथियों का बर्थडे था. सभी बच्चों को लौटते वक्त भी टॉफी-चोकलेट का पैकेट मिला. साई ने स्कूल से लौटते वक्त मुझे यह बात बताई.
उसने कहा- आज मेरे चार दोस्तों का बर्थडे था.
मैंने उसे सुधारते हुए कहा - चार नहीं तीन, मैंने नोटिस बोर्ड पर उनका नाम भी देखा है.
उसने तुरत कहा- नानू ! आप अपने को नहीं गिन रहे हो !
उसे कम से कम तीन घंटे लगे अपने लालच पर लगाम लगाने में. मैं शाम को, पिछवाड़े पौधों को पानी देने गया था तभी उसने मुझे कान में दुबारे हैप्पी बर्थडे कहा और चुपके से मेरी जेब में स्कूल से मिली चोकलेट बार डाल दी.
मैं उस दिन , बल्कि छः महीनों से अपनी बेटी के घर आया हुआ था. यहाँ, ऑस्ट्रेलिया में बल्कि हर कहीं जहां मिया-बीबी दोनों नौकरी करते हों वहां जन्मदिन तो क्या सभी कुछ यहाँ तक कि राष्ट्रिय त्यौहार भी वीकेंड्स में मनाये जाते हैं. मेरे जन्मदिन का जश्न भी आनेवाले शनिवार को घर से बाहर किसी होटल में मनाने का मन बन रहा है. लेकिन मेरा जन्मदिन तो एक नहीं बल्कि तीन छोटे-छोटे वाकयों से बहुत सुन्दर मन गया.मेरे सुबह की सैर से वापिस आने की आहट सुनकर मेरे 5 वर्षीय नाती ने सुबह नहाना छोड़कर पूरे नंगे बदन दौड़कर दरवाजा खोलकर मुझे हैप्पी बर्थडे कहा.
आज उसके स्कूल में भी तीन साथियों का बर्थडे था. सभी बच्चों को लौटते वक्त भी टॉफी-चोकलेट का पैकेट मिला. साई ने स्कूल से लौटते वक्त मुझे यह बात बताई.
उसने कहा- आज मेरे चार दोस्तों का बर्थडे था.
मैंने उसे सुधारते हुए कहा - चार नहीं तीन, मैंने नोटिस बोर्ड पर उनका नाम भी देखा है.
उसने तुरत कहा- नानू ! आप अपने को नहीं गिन रहे हो !
उसे कम से कम तीन घंटे लगे अपने लालच पर लगाम लगाने में. मैं शाम को, पिछवाड़े पौधों को पानी देने गया था तभी उसने मुझे कान में दुबारे हैप्पी बर्थडे कहा और चुपके से मेरी जेब में स्कूल से मिली चोकलेट बार डाल दी.

Very touching experience indeed .
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